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Showing posts from July, 2023

बंधनमुक्त चंद लड़ियां

वो खुशी में सुकून मिला वो दिल में धड़कन बसी वो आग में शीतल हवा वो मीराज में मंज़िल रही वो तृषा में तृप्ति तू ही वो जान में जीवन है वो प्रेम में प्रीत लगी प्रिय तुम्हीं देखो ना  तारे वास्ते ही सारी  चंद लड़ियां प्यार की  जो चाहे चुनले राहबर  आना है या जाना जो चाहे करले पसंद सबकुछ है तेरे लिए 🌹🌹🌹🌹

टूटते बंधन

हमें दिखा कर वो आईना,  कह रहे की चले जाओ  नहीं जरूरत हमें अब और किसी की तुम रहो अपने दायरे की हद में यही बताकर उन्होंने हमें  पल्ला भारी कर लिया अपना  सारी शिकायतें हमारे नाम सारी सिद्दतें अपने नाम कर ली  कुछ रहा नही बाकी अब  रुकने के लिए चले जाएं जिंदगी से उनकी  कर ऐसा वो यही चाहते है कि हम लौट कर ना आए कभी  वापस आने का रास्ता किया बंध दरवाज़े, खिड़की की किवाड़ों को कर लिया कुछ ऐसे बंध  झांक सके ना मेरी नज़र  उनकी खुशी में ही अपनी खुशी  यदि यही मर्जी तो यही सही  हमारे सर ओढ़ा कर  लज्जा का घूंघट कह दिया तुम्हारा कोई नही है यहां  ***

यादें

जानेवाले नहीं आते लौटकर, उनकी याद आती है रह-रहकर कुछ मीठी यादें कुछ खट्टी बातें कर जाती है कुछ आंखें नम जैसे दिन सुना सा लगता है, रात खामोश कर जाती है कुछ दिल हिचकोले ले रहा, उनकी प्यारी यादों में खो कर  वापस कहां से लाएं हजूर ये तो ऊपरवाले का बुलावा है सिर्फ यादें बची पड़ी संदूक में अब गुजारा कर लेना यादों से