याद

तुम्हें भूलने की कोशिश में
तुम याद ही आते गए..।।

तुम्हे सुनने की कोशीश मे
दिल आबाद ही करते गए...।।

जान मेरी तो ले जाएगा
ये जुदाई का हसी तेज़ाब..।।

बेवफ़ा यु फँसा ही जाएगा
तेरी वफाई का ये नक़ाब...।।

यादो के भूचाल से न टूटो
यादो को सदा ही तुम लुटो .।।

यादो में ही प्यार, समझो
यादो में ही दिलदार ढूंढ़ो।।

पर आहो को साथी
कभी ना बढ़ाना तुम..।।

हर आहो को मनाना देखो
साँसों को न भूलना तुम..।।

तेरी फूलों को हम तो
सजदे में सदा बिठाए है..।।

तेरे शेरो से ही तो हरदम
हम राहो को सजाये है...।

- वृषाली सानप काळे

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