कृष्णा

बनी मैं तेरी मुरली मुरारी
प्रीत में तेरी दुनिया हारी
कृष्ण कन्हैया तुमपे वारी...

तुझसे ही प्रीत तू ही है मीत
जीवन का सफल तू संगीत
चारो धर्म को तू ही सवारी..
कृष्ण कन्हैया तुमपे वारी...

नेति नेति इति की सद्बुद्धि
सिखाये माया की अवरुद्धि
निवाले में दी माखन की क्यारी..
कृष्ण कन्हैया तुमपे वारी...

जीव जगत की सृष्टि माया
रूहको तुने रूहसे मिलाया
जिस्मानी डोर तोड़ी सारी..
कृष्णकन्हैया तुमपे वारी..!

अब अपना लो तुम ये चेरी
सुन लो विरह की ये भेरी
भस्म कर दो हदे ये सारी...
कृष्ण कन्हैया तुमपे वारी..!

कान्हा न जाने प्रीत न जाने
अद्वैत प्रेमको जगत न माने
ओ ज्योतिर्मय प्रेम मुरारी
कृष्ण कन्हैया तुमपे वारी...!!
🌹
🖋️वृषाली सानप काले

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