भोगी

कर्म सिद्धांत परिक्षा ही लेगा
योग सिद्धांत तपा ही देगा

भोग सिद्धांत रमा ही लेगा
सन्यस्तता वीराना ही देगा

रम जा तो फिर जानेगा
जीवन सफल तब मानेगा

ज्ञान ज्ञानी वित् राम रागी
विरक्तता ही सम्मान देगी

संभव असंभव झुल्सायेगी
आशा निराशा भरमायेगी

नित दिन साधक बन रोगी
तभी मुक्ति भोग से होगी..।।
- वृषाली सानप काले

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