बाप

किसको क्या समझाए
क्या होती है ये कसक..
बाप बिना दुनिया में
ओलाद की हालत...।।

पग पग पे हो संघर्ष
या फिर हो जाए हर्ष
कमजोर ही पड़ती है
उसे सहने की ताकत..।।
बाप बिना दुनिया में..

जहाँ बनता है हैवान
ओर जीवन कब्रस्थान..
एक अनाथ का सबब
ना ला पाये रिस्तो में दमक..।।
बाप बिना दुनिया में..

मिले पैसा ताकत, स्वर्ग
अनोखा है उसका वर्ग..
उस हिमालय व्यतिरिक्त
बने जीवन भी आफत..।।
बाप बिना दुनिया में...

बाप ही होता है खिवैया
तारे उसकी जीवन नैया
कोई क्या दिलाये बाप
क्या बाप की भी क़ीमत..।

क्या समझाए कीसको
कया होती है कसक..
बाप बिना दुनिया में..
💐
- वृषाली सानप काळे

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