मन का खज़ाना
- Kaushalya
'इन फूलो की तरह मुस्कुराते रहना हर दम....
इन फूलो के रंग जैसा,
रंग भरना अपनी जिंदगी में गहरा...
काँटे तो अनेक आयेंगे राहों में,
पर आप मुस्कुराते रहना....इन फूलो की तरह....
फूल काँटों में रहकर भी मुस्कुराना नहीं छोड़ते,
आप इन फूलो की खुश्बू की तरह महकते रहना....
जो सब को अपनी परिमल से, प्रसन्न चित्त करता है ...
चाहे वो इन्सान हो,या परमेश्वर, या कोई भी जीव मात्र,
ये फूलो की महेक, जैसे सब को आत्मा-तृप्त करती है,
वैसी ही आपकी "मुस्कुराहट" हो....
फूल जैसे नाजुक और कोमल होते है, वैसे ही आप
अपने ह्रदय की भावनाओ को "कोमल" रखना...
ताकि जो कोई भी आप से मिले
वो "आपका" हो जाये....'
इन फूलो के रंग जैसा,
रंग भरना अपनी जिंदगी में गहरा...
काँटे तो अनेक आयेंगे राहों में,
पर आप मुस्कुराते रहना....इन फूलो की तरह....
फूल काँटों में रहकर भी मुस्कुराना नहीं छोड़ते,
आप इन फूलो की खुश्बू की तरह महकते रहना....
जो सब को अपनी परिमल से, प्रसन्न चित्त करता है ...
चाहे वो इन्सान हो,या परमेश्वर, या कोई भी जीव मात्र,
ये फूलो की महेक, जैसे सब को आत्मा-तृप्त करती है,
वैसी ही आपकी "मुस्कुराहट" हो....
फूल जैसे नाजुक और कोमल होते है, वैसे ही आप
अपने ह्रदय की भावनाओ को "कोमल" रखना...
ताकि जो कोई भी आप से मिले
वो "आपका" हो जाये....'
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