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भाग -1: हिंदी विषय पद्धतिशास्त्र

 TAT HS/S – हिंदी विषय पद्धतिशास्त्र



100 महत्वपूर्ण प्रश्न–उत्तर (भाग–1)

1. भाषा-शिक्षण क्या है?

उत्तर: भाषा-शिक्षण वह प्रक्रिया है जिसके माध्यम से विद्यार्थियों में श्रवण, भाषण, वाचन एवं लेखन कौशल का विकास किया जाता है।




2. भाषा-शिक्षण के चार प्रमुख कौशल कौन-कौन से हैं?

उत्तर:

  1. श्रवण
  2. भाषण
  3. वाचन
  4. लेखन




3. भाषा-शिक्षण का मुख्य उद्देश्य क्या है?

उत्तर: विद्यार्थियों को भाषा का शुद्ध एवं प्रभावी प्रयोग करने योग्य बनाना।




4. प्रत्यक्ष विधि क्या है?

उत्तर: वह विधि जिसमें मातृभाषा का प्रयोग किए बिना उसी भाषा के माध्यम से भाषा सिखाई जाती है।




5. व्याकरण-अनुवाद विधि क्या है?

उत्तर: वह विधि जिसमें मातृभाषा की सहायता से व्याकरण एवं अनुवाद के माध्यम से भाषा सिखाई जाती है।




6. आगमन विधि क्या है?

उत्तर: उदाहरणों से नियम तक पहुँचने की विधि।




7. निगमन विधि क्या है?

उत्तर: नियम से उदाहरण की ओर जाने वाली विधि।




8. परियोजना विधि के प्रवर्तक कौन हैं?

उत्तर: विलियम एच. किलपैट्रिक (William H. Kilpatrick)




9. “Learning by Doing” का सिद्धांत किसने दिया?

उत्तर: जॉन ड्यूई (John Dewey)




10. खेल विधि के समर्थक कौन हैं?

उत्तर: फ्रेडरिक फ्रॉबेल (Friedrich Froebel)




11. मातृभाषा में शिक्षा पर सबसे अधिक बल किसने दिया?

उत्तर: महात्मा गांधी




12. ZPD (Zone of Proximal Development) किसका सिद्धांत है?

उत्तर: लेव वाइगोत्स्की




13. LAD (Language Acquisition Device) किसने दिया?

उत्तर: नोम चॉम्स्की




14. भाषा-अर्जन सिद्धांत (Acquisition Theory) किसका है?

उत्तर: स्टीफन क्रैशन




15. पाठ-योजना की पंचपदी किसने दी?

उत्तर: जोहान फ्रेडरिक हर्बार्ट (Herbart)




16. हर्बार्ट की पंचपदी के पाँच चरण लिखिए।

  1. प्रस्तावना
  2. प्रस्तुतीकरण
  3. तुलना एवं संबंध
  4. सामान्यीकरण
  5. प्रयोग




17. गद्य-शिक्षण का मुख्य उद्देश्य क्या है?

उत्तर: गद्य के अर्थ, विचार एवं भाषा की समझ विकसित करना।




18. पद्य-शिक्षण का मुख्य उद्देश्य क्या है?

उत्तर: कविता का भाव, सौंदर्य एवं रसास्वादन कराना।




19. व्याकरण-शिक्षण का मुख्य उद्देश्य क्या है?

उत्तर: शुद्ध भाषा का प्रयोग सिखाना।




20. रचना-शिक्षण का मुख्य उद्देश्य क्या है?

उत्तर: विद्यार्थियों में मौलिक एवं प्रभावी अभिव्यक्ति का विकास करना।


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