कान्हा मुझ पर भी अपनी प्रेम भरी नजर डालो ना
मुझे भी अपनी बाँसुरी के स्वर से वशीभूत कर लो ना,
हे मुरारी..तुम्हारे प्रेम में मुझे भी डुबो दो ना,
हे बंसी बजैया मुझे भी गले से लगा लो ना,
गले से लगाकर अपनी धडकने सुना दो ना,
हर चिंता से मुक्त हो जाऊ, दिल में तुम बसा लो ना,
हे मधुकर मुझे भी अपने चरणों में स्थान दे दो ना,
मेरा हाथ पकड़कर मुझे भी अपना लो ना,
मैं भी करना चाहूँ तेरी भक्ति,
तेरे चरणों में करू समर्पित मेरा जीवन,
आ कर सांवरियां मेरी बांह थाम लो ना
मुझे भी अपनी बाँसुरी के स्वर से वशीभूत कर लो ना,
हे मुरारी..तुम्हारे प्रेम में मुझे भी डुबो दो ना,
हे बंसी बजैया मुझे भी गले से लगा लो ना,
गले से लगाकर अपनी धडकने सुना दो ना,
हर चिंता से मुक्त हो जाऊ, दिल में तुम बसा लो ना,
हे मधुकर मुझे भी अपने चरणों में स्थान दे दो ना,
मेरा हाथ पकड़कर मुझे भी अपना लो ना,
मैं भी करना चाहूँ तेरी भक्ति,
तेरे चरणों में करू समर्पित मेरा जीवन,
आ कर सांवरियां मेरी बांह थाम लो ना
- कौशल्या वाघेला
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