Skip to main content

पॉवर ऑफ वायब्रेशन्स

मेरे  साथियों हो सकता है मेरी बात आपको विचित्र भी लगे तथापि यह सत्य की ताकत है। मेरी स्वयं की रोजाना की अनुभूति है..!! जी हाँ...!! वायब्रेशन...!! वायब्रेशन... में बेहद की ताकत होती है, है ही...!! क्या है जीवन तथा क्या है मनुष्य की जिंदगी...?? केवल वायब्रेशन का ही तो खेल है। वायब्रेशन ही तो दुवा भी देते है..., बद दुवा भी देते है.. जलसी भी देते है.. अपयश भी देते है.. यश भी..! ताकत भी देते है.. कमजोरी भी..!! बीमारी भी देते है.. ठीक भी करते है...! जिंदगी भी देते है.. मौत भी...!! जी,बिल्कुल कटु सत्य...!! जिससे सारी दुनिया अनभिज्ञ है।

दुनिया केवल देह व देह की बाते जानती है। देह से परे नहींं। परन्तु सारा जीवन का खेल तो देह से परे दुनिया के असर से ही प्रभावित है..!! मनयुष्य के मन के विचार उसकी पंचेन्द्रियों द्वारा सदैव बाहर अर्थात देह से बाहर निकलते ही रहते है। वो फिर निकलकर जिसके संपर्क में आते है उनके साथ निकल जाते है।
   
विचार शक्ति ही तो आत्मा की प्रमुख शक्ति होती है। जो संकल्प, संस्कार, कर्म व बुद्धि की परिचायक होती है..!! जो पूर्व जन्म कर्म व संस्कार से सदैव प्रभावित होती है। परिणामता अगर किसी ने भी अगर आपको या आपने किसी को इस जन्म में या इसके पहले 84 जन्मों में किसी भी तरह का कष्ट, दुख दिया हो तो भी तब से लेकर आज तक वो आत्मा आपकी या आप उस आत्मा की तलाश में जन्म जन्म तक ढूंढते रहते हो..!! जिस दिन या जिस पल आमने सामने मुलाकात हो तो वो समस्त वायब्रेशन आप मेंं आ ही जाते है। अच्छे हो तो अच्छा असर.. बुरे हो तो बुरा असर...!! यही तो जिंदगी है..!

वाह जिंदगी वाह..!! तो चलिए ये तो पता चला कि वायब्रेशन में इतनी ताकत है, तो क्योंं न इन वायब्रेशन्स का अच्छा, सही इस्तेमाल करे ..!! क्योंं न दुनिया को बुराई, दुख, पीड़ा से बचाने के लिए हम भी फ्री में केवल मन से, घर बैठे कुछ योग दान करे...!! तो कैसे करे आइए जानिएगा...

फोटो अथवा विडियो द्वारा वायब्रेशन भेजने की सेवा  .....

  1. हमारे टूटे हुए नाखून में, बालों में, त्वचा में, शरीर के मैल में, लार  में, पसीने इत्त्यादी में भी हमारे वायब्रेशन भरे होते है और ये वायब्रेशन कई सालों तक अथवा लंबे समयतक उसमेंं मौजूद रहते है।
  2. हमारे ये वायब्रेशन दुनिया में सबसे यूनिक होते है। जैसे, हमारे फोन नंबर जैसा सेम नंबर पूरी दुनिया में और किसीका भी नहींं हो सकता, वैसे हर आत्माओं से निकलते वायब्रेशन उसकी Unique Identity है।
  3. हमारा चेहरा, त्वचा, बाल, DNA, आवाज, आंखों की पुतलियां, खून इत्त्यादी सब कुछ दुनिया में यूनिक है अर्थात उस जैसा हू-ब-हू सारे जहान में किसी और का हो ही नहींं सकता।
  4. विज्ञान ने बनाए कॅमेरा द्वारा खिंची गई फोटो में भी हमारे वायब्रेशन छुपे होते है  (हाथ से बनाई पेंटिंग में नहींं होते उसमेंं बनाने वाले पेंटर के वायब्रेशन होते है) कॅमेरा द्वारा फोटो खिंचते समय हमारी जैसी स्थिति होती है अथवा मन में जो भाव होते है वह भाव के वायब्रेशन उस फोटो में भर जाते है।
  5. फोटो हमारा फोन नंबर है, फोटो हमारा एड्रेस (पता) भी  है। फोटो द्वारा आप सामने वाली आत्मा से सहज रीती अपनी मन की बात शेयर कर सकते है।
  6. फोटो द्वारा आप सामने वाली बिमार, अपघात ग्रस्त आत्माओं तक वायब्रेशन प्रसारित कर सकते है । आरोग्यदायी Healing एनर्जि भेज सकते है वैसे ही जैसे Reiki करने वाले किसी व्यक्ति का फोटो देखकर वायब्रेशन द्वारा उसकी बीमार को ठीक करते है।
  7. संकट में फँसी किसी व्यक्ति का फोटो आपके पास हो तो आप परमात्मा से कंबाइंड अर्थात योग लगाकर शक्तिशाली वायब्रेशन भेजकर उन्हें सहयोग भी पहुंचा सकते है।
  8. आपके पास जिसका भी चित्र या जिसका फोटो है उस आत्मा के वायब्रेशन निरंतर उस फ़ोटो के अंदर से प्रवाहित होते रहते है।
  9. निराकार परमात्मा को ज्योतिर्बिन्दु रूप फ़ोटो में तैयार कर उसे  घर की दिवार पर टंगाने से तथा सदैव उससे योग लगाने से उस फोटो द्वारा निरंतर शुद्ध ऊर्जा का प्रवाह उस घर में बहता रहता है।
  10. फोटो समान विडिओ में भी हमारे वायब्रेशन भरे होते है और किसी विडिओ द्वारा भी हम सामने वाली आत्माओ तक अपने वायब्रेशन भेज सकते है।
  11. आप घर बैठे TV पर न्यूज देखते हुए भी अपने सहयोग के वायब्रेशन भेजकर किसी बाढ़ ग्रस्त, भूकंप ग्रस्त एरिया में वायब्रेशन भेजकर उन तक स्थूल रीति से मदत पहुंचा सकते है।
  12. जब हम सच्चे दिल से परमात्मा को याद करते है तब जैसे उनकी कृपा या मिलन को हम अनुभव करते है वैसे ही हमारी दुआएं हम घर बैठे दे सकते है।
  13. हम आत्माए भी TV पर न्यूज देखते हुए TV की तरफ देखकर उस स्थान में फँसी हुई आत्माओं को बल प्रदान कर सकते है, सहयोग दे सकते है, शांति का दान दे सकते है। यह बातें थोड़ी अनोखी जरूर है परंतु पूर्णतः सत्य और प्रेक्टिकल है।
  14. अगर आपके पास किसी व्यक्ति अथवा स्थान का फोटो या वीडियो नहीं भी हो तब भी आप जानी जाननहार परमात्मा पिता से कनेक्ट होकर उस  स्थान में फसी आत्माओ को सहयोग कर सकते है।

*************************
ओम शांति

- वृषाली सानप काले

Comments

Popular posts from this blog

हिंदी भाषा-शिक्षण में सह-पाठ्यक्रमीय गतिविधियाँ

🌷 हिंदी भाषा-शिक्षण में सह-पाठ्यक्रमीय गतिविधियाँ Hindi Language Teaching Methodology भाषा केवल पुस्तक पढ़कर या व्याकरण के नियम याद करके नहीं सीखी जाती। भाषा का वास्तविक विकास उसके प्रयोग और अभिव्यक्ति से होता है। इसलिए हिंदी भाषा-शिक्षण में ऐसी गतिविधियों का विशेष महत्व है, जिनमें विद्यार्थी स्वयं हिंदी का प्रयोग करते हुए सीखता है। 1. सह-पाठ्यक्रमीय गतिविधियों का अर्थ पाठ्यक्रम में निर्धारित विषयों के साथ विद्यार्थियों के ज्ञान, भाषा-कौशल, रचनात्मकता और व्यक्तित्व के विकास के लिए आयोजित की जाने वाली विभिन्न गतिविधियों को सह-पाठ्यक्रमीय गतिविधियाँ कहा जाता है। हिंदी भाषा के संदर्भ में इन गतिविधियों का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों को भाषा के वास्तविक प्रयोग के अवसर प्रदान करना है। 2. हिंदी भाषा-शिक्षण में महत्व सह-पाठ्यक्रमीय गतिविधियों से— विद्यार्थियों में हिंदी के प्रति रुचि बढ़ती है। सुनने और बोलने का अभ्यास होता है। पठन एवं लेखन-कौशल विकसित होते हैं। शब्द-भंडार में वृद्धि होती है। उच्चारण और भाषा-प्रयोग में सुधार होता है। रचनात्मकता एवं कल्पनाशक्ति का विकास होता ...

Digital Security (डिजिटल सुरक्षा) की पहली सीढ़ी

प्रस्तावना आज का समय Digital Era (डिजिटल युग) है। तकनीक ने हमारे जीवन को सरल, तेज़ और सुविधाजनक बनाया है। बैंकिंग से लेकर शिक्षा, सरकारी सेवाओं से लेकर ऑनलाइन खरीदारी, ई-मेल से लेकर सामाजिक माध्यम (Social Media) तक—हमारे दैनिक जीवन का एक बड़ा भाग अब डिजिटल माध्यमों पर आधारित हो चुका है। इसी के साथ हमारी एक Digital Identity (डिजिटल पहचान) भी बन चुकी है। यह पहचान केवल किसी एक वेबसाइट तक सीमित नहीं रहती, बल्कि हमारे अनेक ऑनलाइन खातों, दस्तावेज़ों, व्यक्तिगत जानकारी और डिजिटल सेवाओं से जुड़ी होती है। जैसे-जैसे हमारी सुविधाएँ बढ़ी हैं, वैसे-वैसे हमारी जिम्मेदारियाँ भी बढ़ी हैं। जिस प्रकार हम अपने घर, तिजोरी और महत्वपूर्ण दस्तावेज़ों की सुरक्षा करते हैं, उसी प्रकार अपनी डिजिटल पहचान की सुरक्षा करना भी आज समय की आवश्यकता बन चुकी है। इसी सुरक्षा को हम Digital Security (डिजिटल सुरक्षा) कहते हैं। Digital Security (डिजिटल सुरक्षा) क्या है? Digital Security (डिजिटल सुरक्षा) का अर्थ है—अपने ऑनलाइन खातों, व्यक्तिगत जानकारी, महत्वपूर्ण दस्तावेज़ों और डिजिटल पहचान को अनधिकृत पहुँच (Unautho...

भाग -5 : हिंदी विषय पद्धतिशास्त्र

  TAT HS/S – हिंदी विषय पद्धतिशास्त्र महत्वपूर्ण प्रश्न–उत्तर (भाग–5) (प्रश्न 81 से 100) 81. भाषा-शिक्षण में मूल्यांकन का मुख्य उद्देश्य क्या है? उत्तर: विद्यार्थियों की उपलब्धि, प्रगति एवं शिक्षण उद्देश्यों की प्राप्ति का आकलन करना। 82. भाषा-शिक्षण में वर्तनी-शिक्षण का उद्देश्य क्या है? उत्तर: विद्यार्थियों में शुद्ध एवं मानक वर्तनी लिखने की आदत विकसित करना। 83. भाषा-शिक्षण में उच्चारण-शिक्षण का महत्व क्या है? उत्तर: शुद्ध, स्पष्ट एवं प्रभावी बोलने की क्षमता का विकास करना। 84. भाषा-दोष (Language Errors) क्या हैं? उत्तर: भाषा के प्रयोग में होने वाली अशुद्धियाँ, जैसे— उच्चारण दोष वर्तनी दोष व्याकरण दोष वाक्य-रचना दोष 85. भाषा-दोषों के कारण लिखिए। उत्तर: मातृभाषा का प्रभाव अभ्यास की कमी गलत उच्चारण शब्द-भंडार की कमी शिक्षक का अनुचित मार्गदर्शन 86. भाषा-दोषों के निवारण के उपाय लिखिए। उत्तर: नियमित अभ्यास शुद्ध उच्चारण पठन-पाठन शब्दकोश का उपयोग त्रुटि-सुधार एवं प्रतिपुष्टि 87. भाषा-शिक्षण में प्रश्नोत्तर विधि का महत्व क्या है? ...