Posts

Showing posts from January, 2019

क्या है आध्यात्म..? (भाग-14) [परमपिता परमात्मा भाग 1]

परमपिता परमात्मा भाग १ ********************* जिस तरह एक जानवर का पिता जानवर होता है। इंसान नहींं होता उसी तरह एक आत्मा का पिता जो होता है वो भी आत्मा ही होता है। अर्थात मनुष्य देह में स्थित सभी आत्माओं का भी एक पिता होगा। जो सभी आत्माओं से श्रेष्ठ व महान भी होगा। आत्मा जैसे निराकार है वैसे ही आत्मा का बाप अर्थात पिता भी निराकार ही होगा वो निराकार बाप  ही  "परमपिता परमात्मा" है...!! 
वो निराकार परमात्मा जो सभी आत्माओं का बाप है वो जाहिर है बच्चो से थोड़ा तो अलग होगा। वो परमात्मा देह में कभी भी नही बंधता, इसीलिए वह न कभी जन्म लेता न कभी मरता है। वह अजेय, अमर, अनंत, अविनाशी, निराकार व अलौकिक शक्तिरूप है...!! जो इस सृष्टि का निर्माता, रचैता, रक्षक, एवं वही इसका विनाश भी करता है, निश्चित समय के पश्चात...!! शांति, सुख, आनंद, प्रेम, शक्ति, पवित्रता, ज्ञान, सत्यता का सागर है परमपिता परमात्मा...!!
परमपिता परमात्मा जिसने इस सृष्टि की रचना की क्योँकि वही इसका रचयिता है। जो रचैता होता है वह रचना के भीतर नहींं आता बल्कि रचना के बाहर रहकर रचना का अवलोकन करता है...!! तो परमात्मा की रचना आत्…