कलाम जी

हम सदा ऋणी है तुम्हारे
ओ प्यारे कलाम जी हमारे..।।

प्रति दिन प्रति पल क्षण
न भुलाया कभी जीवन..
शिक्षक का वो अभिमान
शिक्षा के प्रति योगदान..
नस नस से उतरे तुम्हारे..।।1

युवको पे तेरा वो भरोसा
काँधे पे रखा था हमेशा..
कठिन डगर में भी जोश
जिंदादिली का ही होश..
तेरे शब्द ही हमे सवारे..।।2

ज्ञान की पहचान दिलाई
अह्मभावना ना रे छु पाई..
शीतलता की लहर लाई
आज तेरे लिए ये रुलाई..
झुके तेरे आगे आँखे हमारे..।।3

- वृषाली (सदैव ऋणी एक शिक्षिका)

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