अभागे धागे

रिश्तों को जोड़ने से अब डर लागे
रिश्तों को जोड़ने से अब मन भागे।

रिश्तों की महफ़िल के हम अभागे
रिश्तों की ताबीर से क्यों न जागे..!!

रिश्तों की दुनिया झुके दौलत के आगे
रिश्तों की वादियाँ सौखे शोहोरत के धागे..!!

रिश्तों की डायन बस तावीज सी लागे..
रिश्तों की गायन बस झूठन सी मांगे..!!

रिश्तों से बदनाम है भावो के धागे
रिश्तों पे भरोसे कभी ना करना अभागे..!!

-- वृषाली सानप काळे

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