मोहब्बत



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मत तौल मेरी मोहब्बत को यूँ तराज़ू में मेरे मेहबूब,
कहीं ये ना हो जाए कि पलडा़ मेरा भारी हो जाएँ।
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मुहब्बत तो खुदा की इबादत है सनम,
यूँ नाप तौल में उसकी तोहमत ना कर।
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हिसाब करनेवाले क्या जानें मोहब्बत की अहमियत,
मेरे सनम कितनी नेमतों से मिला खुदा का तोहफ़ा है।
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हम तो आपकी मोहब्बत में खुद को भूला बेठे,
और आप उस मोहब्बत का हिसाब लगा बेठे।
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एक चिंगारी है मोहब्बत बुझती नहीं अश्कों से,
आबाद है मुहब्बत की दुनिया आख़िर परवानों से।
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- कौशल्या वाघेला

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