श्याम तेरी आँखें


(दोहा छंद) 
मेरी आँखो में श्याम, तू इस कदर बस जा, 
जहाँ भी मैं देखूँ तो, तू ही एक नज़र आ ।1

तेरी आँखों में देख, महोब्बत मेरे लिए,
ओ श्याम हम तो तेरे, यूँ दिवाने बन गए। 2

तेरी आँखों की कशिश, खींचे तेरी ओर।
मेरा मन तुझमें रमा, और न कोई ठौर।।3

उसकी आई याद जब, मन रहता बेचैन।
सब कुछ बैठी भूल मैं, खोया मन का चैन।।4

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- कौशल्या वाघेला

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