श्याम मिल जाए


श्याम तू कहाँ,
मेरा मन तेरे पीछे भागे,
नयन तेरे दर्शन को तड़पते,
ओ श्याम...
कहाँ ढूंढे तुझे,
तू ही आके बता जा,
ओ श्याम...
तेरी बांसुरी की धुन,
मुझे खींचे तेरी ओर
तू ही मेरे मन में रमता,
कब आओगे श्याम,
ओ श्याम...
तेरी प्रेम सभर मीठी नज़र,
मेरे मन को व्याकुल कर देती है,
ओ श्याम...

- कौशल्या वाघेला

Comments

Popular posts from this blog

प्राचीन भारतीय आर्य भाषा की विशेषताएं

संस्कृत भाषा के शब्द भंडार से सम्बंधित बातें

इम्तिहान